
लखनऊ, कार्यालय संवाददाता बाधवी फाउण्डेशन की ओर से भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के सहयोग से यादगार शाम चारासाज राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में सजी, जहां चिकित्सकों ने कुछ पल अपने और दिव्यांगों के लिए निकालकर सुरताल छेड़ी तो सभी झूम उठे। यही नहीं दिव्यांगजनों ने भी अपनी गायकी से सबका दिल जीत लिया। चिकित्सकों ने अपनी गायकी दिव्यांगजनों को समर्पित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व राज्यसभा सांसद डा. अशोक बाजपेई ने की। कार्यक्रम में विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया。
कार्यक्रम की विशेषताएं
कार्यक्रम में दृष्टिबाधित गायिका स्वरा जैसे मंच पर पहुंची पूरा हाल तालियों से गूंज उठा। उन्होंने मुझको सुनना है और इक प्यार का नग़मा है मौजों की रवानी है गीत सुनाया। डॉक्टर आशीष माथुर ने जो तुमको हो पसंद वही बात करेंगे सुनाकर श्रोताओं को पुराने दौर में ले गए। सिविल अस्पताल के पूर्व निदेशक डॉक्टर आनंद ओझा ने ऐ मेरी जोहरा जबी गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा नमन कुशवाहा,सोनल श्रीवास्तव, दिव्यांशी मिश्रा ने, शीबू सिंह ने दिल की आवाज भी सुन पेश किया। डॉक्टरों में डॉ. आलोक दीक्षित ने छुपाना भी नहीं आता जताना भी नहीं आता, और दो दिल मिल रहे हैं , डॉ राजेश सिंह ने तौबा ये मतवाली चाल, डॉ निधि निरंजन ने आगे भी जाने ना तू, डॉ सचिन ने अंखिया संग अंखियाँ लगी आज , डॉ समर ने आओ तुमको दिखलाता हूं पेरिस की एक रंगी शाम जैसे गीत पेश किए। इस मौके पर फाउण्डेशन की अध्यक्ष डा. सुधा बाजपेयी, एमएलसी इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह एवं पवन सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश ओलम्पिक संघ के महासचिव डा. आनन्देश्वर पाण्डेय समेत अन्य मौजूद रहे। जैसी हस्तियों ने कार्यक्रम का आगाज किया। इसके बाद अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट गायन करने वाले दिव्यांगजनों को सम्मानित किया गया।


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