सदस्य विधान परिषद् लखनऊ खण्ड-स्नातक, उत्त्तर प्रदेश

लखनऊ में राष्ट्ररक्षक सम्मान समारोह एवं ओजस्वी स्वर कवि सम्मेलन

आज महान स्वतंत्रता सेनानी, अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रस्वाभिमान के अमर प्रतीक नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती की पूर्व संध्या पर “पराक्रम दिवस” के अवसर पर कला मंडप सभागार, परिवर्तन चौक, लखनऊ में राष्ट्ररक्षक सम्मान समारोह एवं ओजस्वी स्वर कवि सम्मेलन का भव्य, ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम स्थल राष्ट्रभक्ति के नारों और देशप्रेम की भावना से सराबोर रहा।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जीवन राष्ट्र के लिए सर्वस्व समर्पण, निर्भीक नेतृत्व और आत्मसम्मान की पराकाष्ठा का प्रतीक रहा है। उन्होंने “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा” का उद्घोष कर भारत माता के सपूतों में क्रांति की ज्वाला प्रज्वलित की तथा आज़ाद हिंद फ़ौज के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम को निर्णायक मोड़ दिया। नेताजी के विचार, उनका संघर्ष और उनका बलिदान आज के भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और राष्ट्रनिष्ठ बनने की प्रेरणा देते हैं।

इस अवसर पर श्री सर्वेश अस्थाना जी, कर्नल डॉ. वी. पी. सिंह जी (पुणे, महाराष्ट्र), श्री प्रदीप मारंग जी, श्री शिवकुमार व्यास जी, डॉ. सुधा मिश्रा जी एवं श्री अभय सिंह ‘निर्भीक’ जी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।