सदस्य विधान परिषद् लखनऊ खण्ड-स्नातक, उत्त्तर प्रदेश

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  • भारत की एकता और अखंडता को समर्पित रहा डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी का जीवन

    भारत की एकता और अखंडता को समर्पित रहा डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी का जीवन

    “मैं जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान प्रदान करूँगा, या इसके लिए अपना जीवन बलिदान कर दूँगा।”

    अखंड भारत के स्वप्नद्रष्टा, प्रखर राष्ट्रभक्त, भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष, भारत की एकता और आत्मबल के प्रतीक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पुण्य जयंती पर आज माननीय यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के साथ उन्हें करबद्ध नमन।

    “एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे” का उद्घोष कर उन्होंने धारा 370 और 35A को हटाने के ऐतिहासिक संकल्प का बीज बोया, जो आज एक सशक्त और एकीकृत भारत का आधार बना।

    डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र के स्वाभिमान, आत्मसम्मान और संप्रभुता की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व, निर्भीक विचार और राष्ट्र के लिए समर्पण आज भी हम सबके लिए प्रेरणास्त्रोत है।

    शत् शत् नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।

  • भारत की एकता को समर्पित श्याम प्रसाद मुखर्जी

    भारत की एकता को समर्पित श्याम प्रसाद मुखर्जी

    “मैं जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान प्रदान करूँगा, या इसके लिए अपना जीवन बलिदान कर दूँगा।”

    अखंड भारत के स्वप्नद्रष्टा, प्रखर राष्ट्रभक्त, भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष, भारत की एकता और आत्मबल के प्रतीक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पुण्य जयंती पर आज माननीय यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के साथ उन्हें करबद्ध नमन।

    “एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे” का उद्घोष कर उन्होंने धारा 370 और 35A को हटाने के ऐतिहासिक संकल्प का बीज बोया, जो आज एक सशक्त और एकीकृत भारत का आधार बना।

    डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र के स्वाभिमान, आत्मसम्मान और संप्रभुता की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व, निर्भीक विचार और राष्ट्र के लिए समर्पण आज भी हम सबके लिए प्रेरणास्त्रोत है।

    शत् शत् नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।

  • धार्मिक स्थलों पर सड़क किनारे पौधे लगाए

    धार्मिक स्थलों पर सड़क किनारे पौधे लगाए

    “मैं जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान प्रदान करूँगा, या इसके लिए अपना जीवन बलिदान कर दूँगा।”

    अखंड भारत के स्वप्नद्रष्टा, प्रखर राष्ट्रभक्त, भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष, भारत की एकता और आत्मबल के प्रतीक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पुण्य जयंती पर आज माननीय यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के साथ उन्हें करबद्ध नमन।

    “एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे” का उद्घोष कर उन्होंने धारा 370 और 35A को हटाने के ऐतिहासिक संकल्प का बीज बोया, जो आज एक सशक्त और एकीकृत भारत का आधार बना।

    डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र के स्वाभिमान, आत्मसम्मान और संप्रभुता की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व, निर्भीक विचार और राष्ट्र के लिए समर्पण आज भी हम सबके लिए प्रेरणास्त्रोत है।

    शत् शत् नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।

  • मेड़ पर पौधे लगाने को प्रेरित करें

    मेड़ पर पौधे लगाने को प्रेरित करें

    “मैं जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान प्रदान करूँगा, या इसके लिए अपना जीवन बलिदान कर दूँगा।”

    अखंड भारत के स्वप्नद्रष्टा, प्रखर राष्ट्रभक्त, भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष, भारत की एकता और आत्मबल के प्रतीक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पुण्य जयंती पर आज माननीय यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के साथ उन्हें करबद्ध नमन।

    “एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे” का उद्घोष कर उन्होंने धारा 370 और 35A को हटाने के ऐतिहासिक संकल्प का बीज बोया, जो आज एक सशक्त और एकीकृत भारत का आधार बना।

    डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र के स्वाभिमान, आत्मसम्मान और संप्रभुता की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व, निर्भीक विचार और राष्ट्र के लिए समर्पण आज भी हम सबके लिए प्रेरणास्त्रोत है।

    शत् शत् नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।

  • देश की एकता और अखंडता के लिए समर्पित रहे डॉक्टर मुखर्जी

    देश की एकता और अखंडता के लिए समर्पित रहे डॉक्टर मुखर्जी

    “मैं जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान प्रदान करूँगा, या इसके लिए अपना जीवन बलिदान कर दूँगा।”

    अखंड भारत के स्वप्नद्रष्टा, प्रखर राष्ट्रभक्त, भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष, भारत की एकता और आत्मबल के प्रतीक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पुण्य जयंती पर आज माननीय यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के साथ उन्हें करबद्ध नमन।

    “एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे” का उद्घोष कर उन्होंने धारा 370 और 35A को हटाने के ऐतिहासिक संकल्प का बीज बोया, जो आज एक सशक्त और एकीकृत भारत का आधार बना।

    डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र के स्वाभिमान, आत्मसम्मान और संप्रभुता की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व, निर्भीक विचार और राष्ट्र के लिए समर्पण आज भी हम सबके लिए प्रेरणास्त्रोत है।

    शत् शत् नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।

  • एकता और अखंडता को समर्पित रहा डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी का जीवन

    एकता और अखंडता को समर्पित रहा डॉ श्याम प्रसाद मुखर्जी का जीवन

    “मैं जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान प्रदान करूँगा, या इसके लिए अपना जीवन बलिदान कर दूँगा।”

    अखंड भारत के स्वप्नद्रष्टा, प्रखर राष्ट्रभक्त, भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष, भारत की एकता और आत्मबल के प्रतीक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पुण्य जयंती पर आज माननीय यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के साथ उन्हें करबद्ध नमन।

    “एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे” का उद्घोष कर उन्होंने धारा 370 और 35A को हटाने के ऐतिहासिक संकल्प का बीज बोया, जो आज एक सशक्त और एकीकृत भारत का आधार बना।

    डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र के स्वाभिमान, आत्मसम्मान और संप्रभुता की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व, निर्भीक विचार और राष्ट्र के लिए समर्पण आज भी हम सबके लिए प्रेरणास्त्रोत है।

    शत् शत् नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।

  • आदरणीय श्री धर्मपाल सिंह जी की पूज्य माता जी को श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।

    आदरणीय श्री धर्मपाल सिंह जी की पूज्य माता जी को श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।

    आज ग्राम हुरनंगला, नगीना (बिजनौर) में भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री (संगठन) आदरणीय श्री धर्मपाल सिंह जी की पूज्य माता जी को श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।

    प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

  • आज माननीय मुख्यमंत्री जी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

    आज माननीय मुख्यमंत्री जी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

    “‘वृक्षारोपण अभियान 2025’ के अंतर्गत रायबरेली में बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु आज माननीय मुख्यमंत्री जी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उनके बहुमूल्य सुझाव हम सभी के लिए प्रेरणादायी हैं।”

  • आज माननीय यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के साथ उन्हें करबद्ध नमन।

    आज माननीय यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के साथ उन्हें करबद्ध नमन।

    “मैं जम्मू-कश्मीर को भारतीय संविधान प्रदान करूँगा, या इसके लिए अपना जीवन बलिदान कर दूँगा।” अखंड भारत के स्वप्नद्रष्टा, प्रखर राष्ट्रभक्त, भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष, भारत की एकता और आत्मबल के प्रतीक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की पुण्य जयंती पर आज माननीय यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के साथ उन्हें करबद्ध नमन।”एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे” का उद्घोष कर उन्होंने धारा 370 और 35A को हटाने के ऐतिहासिक संकल्प का बीज बोया, जो आज एक सशक्त और एकीकृत भारत का आधार बना।डॉ. मुखर्जी ने राष्ट्र के स्वाभिमान, आत्मसम्मान और संप्रभुता की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व, निर्भीक विचार और राष्ट्र के लिए समर्पण आज भी हम सबके लिए प्रेरणास्त्रोत है। शत् शत् नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।